लोकसभा में 12 घंटे से अधिक मैराथन बहस के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को पास हो गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने सभी को इस बिल पर बोलने का मौक दिया. बिल पर चर्चा पूरी होने के बाद वोटिंग कराई गई. इस विधेयक पर सत्तारूढ़ एनडीए ने अल्पसंख्यकों के लिए लाभकारी बताते हुए इसका पुरजोर बचाव किया, जबकि विपक्ष ने इसे 'मुस्लिम विरोधी' बताया.
वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में 288 मत पड़े.
विधेयक को विपक्षी सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सभी संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया. मत विभाजन के बाद इसे पारित कर दिया गया. वक्फ (संशोधन) बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 मत पड़े.